कुशीनगर / पड़रौना
जंगल पचरुखिया भरटोली में
वीर शिरोमणि राजा सुहेलदेव राजभर की जयंती जनपद सहित ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाई गई। गांव जंगल पचरुखिया भरटोली में आयोजित जयंती समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के आईटी सेल जिलाध्यक्ष रामसेवक राजभर ने चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव राजभर जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। आईटी सेल जिलाध्यक्ष रामसेवक राजभर ने कहा कि राजा सुहेलदेव भारतीय इतिहास के ऐसे वीर योद्धा थे, जिन्होंने 11वीं शताब्दी में विदेशी आक्रमणकारी मसूद ग़ज़नवी को बहराइच के चित्तौरा झील के पास पराजित कर देश की अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा की।
रामसेवक राजभर ने अपने संबोधन में कहा कि राजा सुहेलदेव राजभर केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने वाले दूरदर्शी शासक भी थे। उनके संघर्ष, साहस और बलिदान से आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि राजा सुहेलदेव के योगदान को शिक्षा पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए, ताकि बच्चों को अपने सच्चे इतिहास से परिचित कराया जा सके।
जयंती के अवसर पर गांव में स्मृति सभा, विचार गोष्ठी और सामाजिक संवाद का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राजा सुहेलदेव राजभर समाज की ही नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। उनकी जयंती समाज में जागरूकता, आत्मसम्मान और एकता का संदेश देती है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में राजा सुहेलदेव राजभर के आदर्शों पर चलने, सामाजिक एकता बनाए रखने और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया। मौजूद रहे तेरस राजभर, हरिंदर राजभर, बिंदेश्वर राजभर, वीरेन्द्र राजभर, रामायण राजभर, काशी राजभर, इनर राजभर, डॉ विजय राजभर, निकेश , विक्की, दीपक, दयानंद भारती, अमेरिका भारती, सोहन राजभर, बलिराम राजभर,लक्ष्मीना देवी सकला देवी, गुलाबी देवी इत्यादि अंत में भारत माता और महाराजा सुहेलदेव राजभर का जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ